राजधानी में लाॅकडाउन अभी नहीं:संक्रमण कुछ दिन और कम नहीं हुआ तब प्रशासन करेगा विचार, सेलून का समय घटाया

राजनांदगांव में एक हफ्ते के लॉकडाउन के आदेश के बाद रायपुर में गुरुवार को दोपहर से यह खबर तेजी से फैलने लगी कि यहां भी एक हफ्ते का लाॅकडाउन किया जा रहा है। सोशल मीडिया और व्यापारियों के ग्रुप में लगातार पोस्ट होने लगे। शाम को भास्कर से बातचीत में कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि न तो इस तरह की कोई चर्चा चल रही है और न ही प्रशासन का प्रस्ताव है। यह सही है कि कोरोना के मरीज बढ़े हैं। अगले कुछ दिन तक संक्रमण की रफ्तार यही रही और मरीज कम नहीं हुए, तब सभी पक्षों के साथ इस बारे में विचार कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने सितंबर में जारी अनलॉक गाइडलाइन में स्पष्ट कर दिया था कि अब किसी भी राज्य को अपने जिलों में लॉकडाउन लगाने की जरूरत होगी, तो उसे केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर अनुमति लेनी होगी। ऐसे में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि लॉकडाउन के पहले केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा या नहीं। राजनांंदगांव में केंद्र सरकार की गाइडलाइन आने से पहले ही आदेश जारी कर दिया गया था। इस वजह से इसकी जानकारी केंद्र सरकार को नहीं भेजी गई। लेकिन अब नई गाइडलाइन जारी होने के बाद अफसरों में भी असमंजस है कि लॉकडाउन के पहले राज्य सरकार के साथ ही केंद्र सरकार से भी अनुमति लेनी होगी या नहीं। इस पर राज्य सरकार का अभी तक कोई बड़ा बयान या आदेश नहीं आया है। अभी रायपुर में अभी 12978 कोरोना के मरीज हैं। इसमें 5479 ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, 7344 एक्टिव मरीज है। राज्य में सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों की संख्या रायपुर में ही है। जिले में अब तक 155 लोगों की इससे मौत भी हो चुकी है। यही वजह है कि बार-बार रायपुर में भी लॉकडाउन लागू करने की खबरें आती रहती हैं।

सेलून का समय घटाया
कलेक्टर ने नया आदेश जारी कर सेलून दुकानों का समय घटा दिया है। पहले सेलून दुकानें सुबह 11 से शाम 7 बजे तक खुल रही थी, लेकिन अब नए आदेश के तहत यह दुकानें सुबह 8 से शाम 4 बजे तक ही खुल सकेंगी। सेलून दुकानें मंगलवार को पूरी तरह से बंद रहेंगी।

व्यक्ति की मृत्यु के बाद भाई ने सैंपल नहीं दिया बाद में पॉजिटिव निकला तो एफआईआर
पहाड़ी तालाब तिरंगा चौक के पास कुशालपुर में रहनेवाले एक व्यक्ति का 3 सितंबर को निधन हो गया। तब यह आशंका जताई गई कि मृत्यु कोरोना से हो सकती है, इसलिए सैंपल जरूरी है। लेकिन मृतक के भाई और परिजन ने सैंपल देने का विरोध किया, इसलिए टीम को लौटना पड़ा। परिवारवालों ने मोहल्ले के अन्य लोगों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन इसके बाद मृतक के भाई की तबियत बिगड़ी तो सैंपल लिया गया। जांच में वे कोरोना पाजिटिव निकले। इस वजह से प्रशासन ने मृतक का सैंपल नहीं देने और पॉजीटिव होने के बावजूद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भाई के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर करवा दी है।

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