ये कैसा इंतजाम:धरमपुरा कोरोना अस्पताल का खाना खाने लायक नहीं, मरीजों ने डस्टबिन में फेंका, सुबह चाय भी नहीं

सुबह जो दाल दी गई, वही शाम को भी दी।
  • कोविड सेंटर प्रभारी और सीएमएचओ ने भी माना कि खाने को लेकर मिल रही लगातार शिकायतें

धरमपुरा स्थित कोरोना हॉस्पिटल में मरीजों को घटिया और बासी खाना परोसा जा रहा है। खाने की क्वालिटी इतनी खराब है कि मरीज पूरा का पूरा खाना डस्टबिन में डाल रहे हैं। यहां भर्ती मरीजों ने बताया कि दाल में पानी डाला जा रहा है या पानी में दाल कुछ समझ नहीं आ रहा है। इसके अलावा मरीजों के खाने में भी गड़बड़ी की जा रही है। सुबह की चाय भी नहीं दी जा रही। हालात ऐसे हैं कि यहां भर्ती मरीज कोरोना को ठीक करने के लिए हाईडोज की दवा भूखे पेट ले रहे हैं या फिर घरों से खाना मंगाकर खा रहे हैं। कुछ मरीज आसपास के लोगों से मिक्चर और बिस्किट मांगकर दिन काट रहे हैं। इधर संभाग में मंगलवार को 81 नए कोरोना मरीज मिले। बस्तर जिले में 18, कोंडागांव में 8, बीजापुर में 23, नारायणपुर में 10, कांकेर से 8 और दंतेवाड़ा से 14 नए मरीज मिले हैं। मेकॉज में एक दिन पहले जान गंवा चुके युवक का शव मंगलवार को बीजापुर भेजा गया।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को भी है जानकारी
खाने की क्वालिटी घटिया होने की जानकारी इस हॉस्पिटल के प्रभारी से लेकर सीएमएचओ तक को है लेकिन खाने की सप्लाई आदिवासी विकास विभाग के जिम्मे होने के चलते वे भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आदिवासी विकास विभाग के एक अफसर नयापारा स्थित सरकारी छात्रावास में खाना बनवा रहे हैं और खाने में पूरी गड़बड़ी उनकी ही शह पर हो रही है। इधर स्वास्थ्य अफसर भी अब बेबस हो गए हैं।

बासी दाल दे रहे, पूरे परिसर में फैला कचरा
कोविड हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों ने बताया कि खाने की क्वालिटी खराब है ही और तो और बासी दाल भी परोसी जा रही है। यहां भर्ती मरीज ने हॉस्पिटल से एक वीडियो भी भेजा है। जिसमें दिखाया गया है कि मरीज खाने को सीधे डस्टबिन में फेंक रहे हैं। यही नहीं पूरे परिसर में गंदगी पसरी हुई है और जगह-जगह कोविड मरीजों द्वारा फेंका सामान खुले में पड़ा हुआ है।

कोरोना के चलते बुखार में ठंडे पानी से नहला रहे
इधर यहां भर्ती मरीजों ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद शरीर में हल्का बुखार और थकावट रहती है फिर भी नहाने व अन्य उपयोग के लिए ठंडा पानी ही दिया जा रहा है। अभी बस्तर का मौसम बारिश के चलते वैसे ही ठंडा है ऊपर से ठंडे पानी से नहाने से मरीजों को तकलीफ हो रही है। इसके अलावा शौचालय और नहाने के लिए एक ही मग्गा और एक ही बाल्टी दी जा रही है। पीने के लिए भी मरीजों को गरम पानी नहीं मिल रहा है।

शहर से 18 नए केस, आईजी होम आइसोलेट
शहर में मंगलवार को 18 नए मरीज मिले हैं। इनमें सेंट्रल जेल, दंतेश्वरी वार्ड, परपा, संतोषी वार्ड, बिनाका माल के लोग शामिल हैं। आईजी सुंदरराज पी ने बताया है उनके दफ्तर के कुछ कर्मचारी पॉजिटिव निकले हैं। उनकी खुद की रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन एहतियातन दफ्तर को बंद कर वे होम आइसोलेशन में हैं।

सीधी बात
आरके चतुर्वेदी, सीएमएचओ

सवाल - कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को खाना ठीक नहीं मिल रहा है?
-मैंने कल अपनी निगरानी में खाना बंटवाया है।
सवाल - खाना तो मिल रहा है लेकिन क्वालिटी खराब है?
-हां, मैंने भी कल खाना चखा था क्वालिटी सुधारने के लिए बोला है।
सवाल - बासी खाना परोसा जा रहा है दाल भी पानी वाली?
-मैं दिखवाता हूं कहां दिक्कत है।
सवाल - कोविड हॉस्पिटल में पॉजिटिव मरीजों ने खाना फेंक दिया है?
-खाने की सप्लाई की जिम्मेदारी हमारी नहीं है आदिवासी विकास विभाग इस काम को देख रहा है मैं बात करता हूं।
सवाल - सफाई भी नहीं हो रही हैं तीन दिन हो गए?
-सफाईकर्मियों को भेज रहे हैं वो तो सफाई रोज करते हैं।

कोविड प्रभारी भी बोले- खाने की क्वालिटी मेंटेन नहीं हो रही: इधर धरमपुरा कोविड हॉस्पिटल प्रभारी एटीएस नाग ने भी माना कि खाने की क्वालिटी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं लेकिन क्वालिटी मेंटेन नहीं हो पा रही है।

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