स्पंदन अभियान:बेटे के ट्रांसफर के लिए डीजीपी से बुजुर्ग माता-पिता की गुहार अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पर तत्काल कार्यवाही का आदेश

डीजीपी डीएम अवस्थी ने वीडियो कॉल से सुनी 60 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की समस्याएं, तुरंत हल भी निकाला

डीजीपी डीएम अवस्थी ने मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिए 58 पुलिसकर्मियों व उनके परिजन से बात की। ज्यादातर ने बुजुर्ग माता-पिता या पत्नी की सेवा के लिए ट्रांसफर की मांग की। कई बुजुर्ग माता-पिता ने भी डीजीपी से बेटे के ट्रांसफर के लिए प्रार्थना की। डीजीपी ने उनकी परिस्थिति को देखते हुए तत्काल ट्रांसफर के आदेश जारी किए हैं। बस्तर में 25 साल से भी ज्यादा नौकरी कर चुके एक पुलिसकर्मी को डीजीपी ने कहा कि आपने काफी समय बिता लिया है, जहां चाहते हैं, वहां ट्रांसफर कर देंगे और आदेश भी जारी कर दिया गया। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी अवस्थी ने दूसरी बार स्पंदन कार्यक्रम के अंतर्गत वीडियो कॉल से बात की। आज 30 लोगों से बात करने की तैयारी थी, लेकिन सुबह 11 बजे से ही 9479194990 नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए थे। दोपहर एक बजे जब डीजीपी ने कॉल अटेंड करना शुरू किया तो यह स्थिति थी कि लगातार पुलिसकर्मियों या उनके परिजन के कॉल आ रहे थे। यही वजह है कि डीजीपी ने पहले से निर्धारित 30 लोगों के साथ-साथ बाकी से भी बात करनी शुरू की। सुकमा के सुदूर जंगल से लेकर जशपुर और बलरामपुर के छोर तक कॉल आए। एक बजे से चार बजे से 60 से ज्यादा कॉल अटेंड किए। एक बुजुर्ग ने छत्तीसगढ़ी में कहा कि उनकी उम्र 90 साल है। बेटा सूरजपुर में पदस्थ है। कोई देखरेख करने वाला नहीं है। डीजीपी ने बुजुर्ग की अवस्था देखी और उन्हें कहा कि तुरंत आदेश कर रहे हैं। यह सुनकर बुजुर्ग की आंखें भर आईं। रायपुर की महेश्वरी कुर्रे ने बताया कि पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। अभी तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है। डीजीपी ने उन्हें अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए आदेश जारी करने कहा। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में देरी नहीं होनी चाहिए। अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में आरक्षक के लिए निर्धारित ऊंचाई में कमी होने पर भी डीजीपी ने तुरंत छूट देने की मंजूरी दी। साथ-साथ एसपी को भी निर्देश दिया।

परिवार के साथ रहने एक माह की छुट्‌टी
आरक्षक संजीव देवांगन की पत्नी ने बताया कि उनके पति भैरमगढ़ में पदस्थ हैं। 6 माह से घर नहीं आए हैं। वे ट्रांसफर करना चाहती थीं, लेकिन डीजीपी ने कहा कि दस वर्ष की सेवा नहीं हुई है, इसलिए ट्रांसफर संभव नहीं है। डीजीपी ने बीजापुर एसपी कमललोचन कश्यप को फोन किया और संजीव को एक महीने की छुट्टी देने कहा, जिससे परिवार के साथ समय बिता सकें और जरूरी काम कर सकें। बिलासपुर में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक के बेटे ने फोन कर बताया कि उनके पिता को कोरोना के लक्षण हैं। इसे गंभीरता से लेकर डीजीपी ने बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल को फोन किया और तुरंत इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

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