रायपुर में जेईई मेन्स का दूसरा दिन:कोरोना संक्रमण के खतरे पर भारी पड़ी करियर की चिंता, 85 प्रतिशत स्टूडेंट पहुंचे इंजीनियरिंग का एंट्रेंस एग्जाम देने

जेईई परीक्षा का यह रायपुर में एग्जाम सेंटर बनाया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षाएं लेने में खासी सावधानी बरती जा रही है। सारी परीक्षाएं ऑनलाइन ली जा रही हैं। एग्जाम सेंटर में सभी स्टूडेंट्स को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया।
  • रायपुर में सिर्फ सरोना में एक सेंटर, इसके अलावा भिलाई, बिलासपुर में बनाया गया
  • पहले दिन था आर्किटेक्चर के लिए एंट्रेस एग्जाम, दो पाली में हो रही हैं परीक्षाएं
  • लाउडस्पीकर से स्टूडेंट्स को समझाए रूल्स, मास्क पहनने, दूरी बनाए रखने के निर्देश

रायपुर, बिलासपुर और भिलाई में जेईई की परीक्षा के लिए सेंटर बनाए गए हैं। बुधवार को हुई परीक्षा में प्रदेश भर से 85 प्रतिशत स्टूडेंट्स हिस्सा लिया। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच हो रही परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति का यह आंकड़ा करियर को लेकर फिक्रमंद मानसिकता को भी दिखाता है। भिलाई में 687 स्टूडेंट्स ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था इनमें से 598 परीक्षा देने आए। बिलासपुर में 756 में से 599, रायपुर में 889 में से 747 स्टूडेंट्स ने सेंटर्स में पहुंचकर परीक्षा दिलाई। 6 सितंबर तक यह परीक्षा चलेगी। रायपुर में आईआईटी जेईई (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) के दूसरे दिन बुधवार को बीटेक एंट्रेस एग्जाम देने परीक्षार्थी सेंटर पर पहुंचे। तय समय के अनुसार, पहली पाली में सुबह 9 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी। इसके लिए 2 घंटे पहले छात्रों को पहुंचना था। ऐसे में कई छात्र सारी रात सफर कर सीधा एग्जाम सेंटर पहुंचे थे। सफर की थकान और परीक्षा का तनाव उनके चेहरे पर दिखाई दे रहा था।

रायपुर स्थित एग्जाम सेंटर में अंदर जाने से पहले सभी डॉक्यूमेंट और जरूरी चीजों की जांच करते स्टूडेंट्स और उनके परिजन।
रायपुर स्थित एग्जाम सेंटर में अंदर जाने से पहले सभी डॉक्यूमेंट और जरूरी चीजों की जांच करते स्टूडेंट्स और उनके परिजन।

रायपुर में सिर्फ सरोना स्थित डिजिटल जोन पार्थिवी प्राविंस को एग्जाम सेंटर बनाया गया है। यहां परीक्षा देने के लिए रायपुर सहित, भिलाई, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर समेत आसपास के जिलों से परीक्षार्थी पहुंचे हैं। इसके अलावा बिलासपुर और भिलाई में भी सेंटर बनाए गए हैं। पहले दिन मंगलवार को आर्किटेक्चर के लिए एंट्रेस एग्जाम था। इस दौरान 42 फीसदी छात्र परीक्षा देने के लिए पहुंचे ही नहीं।

पहले दिन की अपेक्षा ज्यादा पहुंचे परीक्षार्थी
कोरोना का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ा है। बीमारी और डर के चलते उनकी तैयारी भी प्रभावित हुई है। हालांकि बीटेक में प्रवेश के लिए ज्यादा छात्र बैठते हैं। ऐसे में पहले दिन की अपेक्षा बुधवार को सेंटर पर ज्यादा गहमागहमी दिखाई दी। बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे थे जो दूर दराज से रात भर का सफर तय करने के बाद रायपुर पहुंचे थे।

स्टूडेंट्स को परीक्षा देने अंदर चले गए हैं और बाहर बैठकर परिजन अब परीक्षा खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षाएं दो पाली में सुबह 9 बजे से और अपराह्न 3 बजे से हो रही हैं।
स्टूडेंट्स को परीक्षा देने अंदर चले गए हैं और बाहर बैठकर परिजन अब परीक्षा खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षाएं दो पाली में सुबह 9 बजे से और अपराह्न 3 बजे से हो रही हैं।

कोरोना में ऑनलाइन हो रही हैं परीक्षाएं
कोरोना संक्रमण को देखते हुए परीक्षाएं लेने में खासी सावधानी बरती जा रही है। सारी परीक्षाएं ऑनलाइन ली जा रही हैं। एग्जाम सेंटर में सभी स्टूडेंट्स को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया गया। अंदर स्टूडेंट्स को थ्री लेयर मास्क दिया जा रहा है। परीक्षा हॉल में एक सीट छोड़कर बैठने के निर्देश हैं। स्टूडेंट्स को रूल्स समझाने लाउड स्पीकर यूज किया गया।

पहले दिन कुछ स्टूडेंट्स ने की ये गलतियां आप आगे इन बातों का रखिएगा ध्यान

  • एनटीए ने स्टूडेंट्स को पानी ट्रांसपेरेंट बॉटल में लाने के निर्देश दिए गए थे। कुछ स्टूडेंट्स कलरफुल या स्टील की वाटर बॉटल लेकर पहुंचे। इन्हें चेक प्वाइंट पर बॉटल छोड़ने के निर्देश दिए गए।
  • कुछ स्टूडेंट एडमिट कार्ड में अटैच सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म में अपना या अपने पैरेंट्स का सिग्नेचर करवाना ही भूल गए। ऐसे स्टूडेंट्स को सेंटर के बाहर खड़े पैरेंट्स के पास सिग्नेचर के लिए भेजा गया।
  • स्टूडेंट्स को दो पासपोर्ट फोटो लाने के निर्देश दिए गए थे, कई स्टूडेंट फोटो लाना ही भूल गए। इन्हें नजदीकी फोटो सेंटर या घर से फोटो लाने के निर्देश दिए गए। एनटीए ने स्टूडेंट्स को पानी ट्रांसपेरेंट बॉटल में लाने के निर्देश दिए गए थे। कुछ स्टूडेंट्स कलरफुल या स्टील की वाटर बॉटल लेकर पहुंचे। इन्हें चेक प्वाइंट पर बॉटल छोड़ने के निर्देश दिए गए।

जेईई मेंस के लिए बनाए गए हैं पांच केंद्र

  1. रायपुर के सरोना स्थित डिजिटल जोन पार्थिवी प्राविंस
  2. भिलाई के सिरसा स्थित पार्थिवी कॉलेज
  3. बिलासपुर स्थित एलसीआइटी
  4. बिलासपुर स्थित चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज
  5. बिलासपुर के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी

जिला प्रशासन की ओर से यह सुविधाएं दी गईं

  • बस और हॉस्टल में ठहरने की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर 99266-15200 पर संपर्क कर सकते हैं।
  • जिला प्रशासन 6 सितंबर तक देगा एग्जाम सेंटर पहुंचाने-लाने और हॉस्टल में ठहरने की सुविधा
  • जिला प्रशासन ने 52 सीटर 14 बसें लगाई गई हैं इस प्रोजेक्ट के लिए।
  • कोरोना से बचाव के लिए बसों को रोज सैनिटाइज किया जाएगा।
  • स्टूडेंट्स को एक सीट छोड़कर बैठने और मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
  • तय स्थानों पर रोज सुबह 5 बजे बस लग जाएंगी। छह बजे एग्जाम सेंटर के लिए रवाना हो जाएंगी।
  • अन्य जिलों के 20 छात्र और 25 छात्राओं को जिला प्रशासन ने हॉस्टल में ठहरने की सुविधा दी है। भीड़ जमा न हो इसे ध्यान में रखकर एग्जाम सेंटर से तीन सौ मीटर पहले ही सभी गाड़ियों को रोक दिया गया। ऐसे में स्टूडेंट्स को समय पर सेंटर पहुंचने के लिए पैदल ज्यादा चलना पड़ा।

रायपुर में छात्रों की सुविधा के लिए नोडल अधिकारियों के नंबर

नामपदमोबाइल नंबर
संदीप कुमार अग्रवालसंयुक्त कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी7415841725
दीपक भारद्वाजतहसीलदार नजूल9891665115
केएस पाटलेजिला मिशन समन्वयक9926615200

रायपुर में इन स्थानों से मिलेंगी बसें

  • कलेक्टर कार्यालय, घड़ी चौक
  • आरटीओ कार्यालय, बंजारी धाम के पास, बिलासपुर रोड
  • एजी ऑफिस के पास, विधानसभा चौक, बलौदाबाजार रोड
  • कृषि विश्वविद्यालय गेट के पास, आरंग-मंदिर हसौद रोड
  • पचपेड़ी नाका, अभनपुर रोड
  • टाटीबंध चौक, गगन होटल के पास, रिंग रोड नंबर-1
  • जनपद पंचायत कार्यालय धरसींवा/आरंग/तिल्दा/अभनपुर

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post

RVKD NEWS

Ads1

Facebook

Ads2