जेईई एग्जाम का पहला दिन:पहले दिन महज 58 फीसदी स्टूडेंट्स ही पहुंचे, सेंटर से 300 मीटर पहले रोकी गाड़ी, ताकि भीड़ न जमा हो

  • लाउड स्पीकर से स्टूडेंट्स को समझाए रूल, मास्क पहनने, दूरी बनाए रखने के दिए निर्देश
  • थर्मल स्क्रीनिंग के बाद दी एंट्री, हाॅल में 1 सीट छोड़कर बैठे

इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मंगलवार से शुरू हो गया। दो पालियों में हुई परीक्षा में महज 58 फीसदी स्टूडेंट शामिल हुए। छह सितंबर तक चलने वाली परीक्षा के पहले दिन रायपुर के एग्जाम सेंटर में 755 स्टूडेंट रजिस्टर्ड थे। इसमें से 441 ही परीक्षा देने पहुंचे। काेराेना संक्रमण से बचने के लिए परीक्षा केंद्र में खास सावधानी बरती गई। सभी स्टूडेंट्स काे थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही सेंटर में प्रवेश दिया गया। जांच के दाैरान ऐसा एक भी स्टूडेंट नहीं मिला, जिसका टैम्प्रेचर ज्यादा हाे। लिहाजा, किसी काे भी आईसोलेशन रूम में बिठाकर एग्जाम देने की नाैबत नहीं आई।

सेंटर में स्टूडेंट्स को थ्री लेयर मास्क दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत सभी को परीक्षा हॉल में एक सीट छोड़कर बैठने के निर्देश दिए गए। इससे पहले भीड़ जमा न हो, इसे ध्यान में रखकर एग्जाम सेंटर से चार सौ मीटर पहले ही सभी गाड़ियों को रोक दिया गया। जहां से पैरेंट्स और स्टूडेंट्स को परीक्षा केन्द्र तक पैदल पहुंचने के निर्देश दिए गए।

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतते हुए मंगलवार से जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) शुरू हो गया। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एग्जाम सेंटर के बाहर मार्किंग भी की गई। सभी स्टूडेंट काे थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही सेंटर में प्रवेश दिया गया। दूरी बनाए रखने के लिए परीक्षा हॉल में स्टूडेंट को एक सीट छोड़कर बैठने के निर्देश दिए गए। इससे पहले भीड़ जमा न हो इसे ध्यान में रखकर एग्जाम सेंटर से तीन सौ मीटर पहले ही सभी गाड़ियों को रोक दिया गया। ऐसे में कुछ स्टूडेंट्स समय पर सेंटर पहुंचने के लिए दौड़ते-भागते दिखे। पैरेंट्स को एग्जाम सेंटर के कैंपस के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया। स्टूडेंट्स को रूल्स समझाने लाउड स्पीकर यूज किया गया। इससे स्टूडेंट्स से मास्क पहनने, मार्किंग में खड़े रहने और अपने डॉक्यूमेंट ठीक से चेक करने की अपील की गई। स्टूडेंट्स को ड्रॉइंग के लिए पेंसिल बॉक्स, एडमिट कार्ड, आधार कार्ड, हैंड सैनेटाइजर की बॉटल और ट्रांसपेरेंट वॉटर बॉटल हॉल में ले जाने की अनुमति दी गई। बॉल पॉइंट पेन परीक्षा हॉल में ही दिया गया।

सेंटर पहुंचाने और ठहरने की सुविधा
जिला प्रशासन ने स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर तक पहुंचाने और लाने के लिए शहर के 10 स्थानों से 14 बसों की व्यवस्था की है। पहले दिन अन्य जिलों से आकर हॉस्टल में ठहरने वाले 45 स्टूडेंट्स के अलावा दर्जनभर स्टूडेंट्स ने बस की सुविधा का लाभ लिया। 2 सितंबर को होने वाले एग्जाम के लिए 54 बॉयज और 17 गर्ल्स ने ठहरने की सुविधा ली है। बस या ठहरने की सुविधा के लिए 99266 15200 पर संपर्क कर सकते हैं।

मैथमेटिक्स में पूछे गए लंबे सवाल
पहले दिन बीआर्क के स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी। मैथेमेटिक्स में 20 मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन थे और पांच न्यूमेरिकल बेस्ड सवाल। एक्सपर्ट्स के अनुसार न्यूमेरिकल आधारित प्रश्न जनवरी सत्र की तुलना में लंबे थे। एप्टीट्यूड सेक्शन में मैथेमेटिक्स की तुलना में आसान सवाल पूछे गए। ड्रॉइंग सेक्शन में 2 सवाल 50-50 नंबर के पूछे गए। स्टूडेंट्स और एक्सपर्ट्स दोनों के अनुसार ये सेक्शन आसान रहा।

पहले दिन कुछ स्टूडेंट्स ने की ये गलतियां आप आगे इन बातों का रखिएगा ध्यान

  • एनटीए ने स्टूडेंट्स को पानी ट्रांसपेरेंट बॉटल में लाने के निर्देश दिए गए थे। कुछ स्टूडेंट्स कलरफुल या स्टील की वाटर बॉटल लेकर पहुंचे। इन्हें चेक पाॅइंट पर बॉटल छोड़ने के निर्देश दिए गए।
  • कुछ स्टूडेंट एडमिट कार्ड में अटैच सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म में अपना या अपने पैरेंट्स का सिग्नेचर करवाना ही भूल गए। ऐसे स्टूडेंट्स को सेंटर के बाहर खड़े पैरेंट्स के पास सिग्नेचर के लिए भेजा गया।
  • स्टूडेंट्स को दो पासपोर्ट फोटो लाने के निर्देश दिए गए थे, कई स्टूडेंट फोटो लाना ही भूल गए। इन्हें नजदीकी फोटो सेंटर या घर से फोटो लाने के निर्देश दिए गए।

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