सोनू सूद बोले- आंसू पोंछ ले बहन, किताबें नई होंगी और घर भी नया होगा

रायपुर. कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान अभिनेता सोनू सूद प्रवासी मजदूरों और गरीबों के लिए मसीहा बनकर सामने आए। सोनू सूद ने उन्हें खाना खिलाने से लेकर घर पहुंचाने तक हजारों लोगों की मदद की। सोनू सूद ने अपनी मदद का दायरा बढ़ा दिया है। उन्होंने आंध्रप्रदेश के एक गांव में दो लड़कियों को बैलों की जगह हल से खेत जोतते देख उन्हें ट्रैक्टर भिजवाया था। इसी तरह, असम में भी बाढ़ पीडि़तों की मदद को वे आगे आए। इस बार सोनू सूद छत्तीसगढ़ के बीजापुर की एक आदिवासी किशोरी की मदद करने को आगे आए।

सोनू सूद ने मूसलाधार बरसात में ढह चुके घर से भीगी किताबों को बचाने की कोशिश करती रोती हुई आदिवासी किशोरी अंजलि कुडियम का वायरल वीडियो देखा। इसके बाद सोनू सूद ने ट्वीट किया कि आंसू पोछ ले बहन, किताबें भी नई होंगी और घर भी नया होगा।
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इसके बाद बीजापुर प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने एसडीएम को अंजलि के गांव भेजा और उसे 1,01,900 रुपए का चेक प्रदान किया। बता दें कि अंजलि भैरमगढ़ के सरकारी स्कूल से 12वीं पास कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है।15 अगस्त की रात कोमला गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गया। उनका घर भी बाढ़ में ढह गया। पानी उतरने के बाद वह सामान लेने घर आई थी।

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