पहली बार आई ऐसी तस्वीरें:पीपीई किट पहनी नर्सों ने कोरोना संक्रमितों को राखी बांधकर रक्षा करने का दिया वचन, मास्क और सैनिटाइजर किए गिफ्ट

रक्षाबंधन पर पहली बार शहर के हॉस्पिटल से ऐसी तस्वीरें सामने आईं जहां पीपीई किट पहनी सिस्टर यानी नर्सों ने काेरोना संक्रमित मरीजों को राखी बांधी। घर से दूर रहकर इलाज करवा रहे कोरोना संक्रमित इस त्योहार पर अपनी बहनों को मिस न करें इसलिए नर्सों ने उन्हें राखी बांधकर मिठाई खिलाई। नर्स ही हैं, जो कोरोना संक्रमितों की देखभाल से सीधे जुड़ी होतीं हैं, इसलिए सभी ने रक्षा सूत्र बांधने के साथ बीमारी से रक्षा करने का वचन भी दिया। संक्रमण के खतरे की वजह से काेरोना संक्रमितों को बहनों से मिलकर राखी बंधवाने की इजाजत नहीं दी गई थी। एम्स, अंबेडकर हॉस्पिटल और आयुर्वेदिक अस्पताल सहित कई अन्य कोविड केयर सेंटर में भी नर्सों ने ऐसी पहल की।

पहली बार राखी पर बहन से दूर था, नर्स के रूप में एक और बहन मिल गई...

24 साल के उमेश जगत अंबेडकर अस्पताल में एडमिट हैं। उन्होंने बताया, पहली बार राखी पर बहन पायल मेरे पास नहीं थी। कलाई सूनी न रहे इसलिए बहन ने राखी तो बंधवाई थी, लेकिन कोई उसे बांधने वाला नहीं था। तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसकी कोई उम्मीद नहीं था। जो नर्स इलाज कर रहीं थीं, वो राखी लेकर सामने खड़ी थीं। सिस्टर मोहिनी ने राखी बांधी और मैंने पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। राखी पर मुझे एक और बहन मिल गई।

रक्षाबंधन पर 20 नए भाई मिल गए, कोरोना से करूंगी सबकी रक्षा

नर्स दुर्गेश्वरी साहू ने बताया, मेरे भाई सारंगढ़ में रहते हैं। 33 बरस की जिंदगी में पहली बार हुआ जब राखी पर मैं उनके पास नहीं थी। उनके पास न होने का मलाल करने के बजाय उन भाइयों को राखी बांधी जो कोरोना संक्रमित होने के कारण अपनी बहनों से दूर थे। मैंने 20 नए भाई बनाए। राखी बांधते वक्त कई पेशेंट भावुक हो गए। मैंने कोरोना से उनकी रक्षा का वचन दिया तो उन्होंने भी मुझे अपना ख्याल रखने का आशीर्वाद दिया।

ट्रेंड बदला: चॉकलेट के साथ मास्क और सैनिटाइजर किए गिफ्ट

शहर में लॉकडाउन है, लेकिन राखियों और मिठाई की खरीदारी के लिए रक्षाबंधन पर सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक छूट दी गई। इस बार गिफ्ट का ट्रेंड बदला नजर आया। भाइयों ने चॉकलेट और ड्रायफ्रूट्स के साथ मास्क, सैनिटाइजर और हर्बल टी जैसे आइटम बतौर गिफ्ट बहनों को दिए। जिला पंचायत के सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि बिहान योजना के तहत उजाला समूह सेरीखेड़ी की महिलाओं ने इस तरह के गिफ्ट हैंपर तैयार किए, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा और कैट के अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि राज्य बनने के बाद से पहली बार चीनी राखियों के बजाय स्वदेशी राखियों से बाजार सजेे नजर आए।

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