छत्तीसगढ़: अनलॉक-3 का 8वां दिन:एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी में एक बार फिर पर्यटक शेर की दहाड़ सुन सकेंगे

तस्वीर नवा रायपुर की है। जंगल सफारी को तैयार करते वक्त कुदरती माहौल देने की कोशिश की गई है। कई तरह के परिंदे भी यहां देखने को मिलते हैं।
  • 17 दिन बाद अब खुलेगी जंगल सफारी, लोगों के प्रवेश को लेकर नियम तय
  • रायपुर एम्स में 45 दिन बाद एक बुजुर्ग महिला ने जीती कोरोन से जंग

नवा रायपुर में तैयार की गई जंगल सफारी को अब खोलने की तैयारी है। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू किए गए लॉकडाउन का ताला यहां पिछले 17 दिनों से था। अब आम लोग यहां आ सकेंगे। जंगल सफारी को अनलॉक करने के साथ कुछ नियम भी तय किए गए हैं। इनके मुताबिक गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक के लोगों का प्रवेश नहीं मिलेगा। रायपुर में शहर के अन्य पर्यटन स्थल भी आगामी सप्ताह से आम लोगों का स्वागत करने की तैयारी में हैं।

67 साल की बुजुर्ग ने हराया कोरोना को
रायपुर में एम्स में डायलिसिस पर रहने वाली 67 साल की कोरोना संक्रमित महिला ने कोरोना को हरा दिया। वो 45 दिन बाद पूरी तरह ठीक होकर घर लौट गईं। एम्स के अनुसार महिला बीते 10 सालों से किडनी रोग से पीड़ित थीं। कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर उनका इलाज किया जा रहा था। एम्स के लिए यह केस किसी चैलेंज से कम न था। महिला ने 23 डायलिसिस सेशन तक अपने किडनी रोग का इलाज करवाया। उन्होंने पूरी सकारात्मकता के साथ कोविड-19 का मुकाबला किया।

अधिकारी खुद पहुंच रहे जांच करने

तस्वीर रायपुर के टिकरापारा इलाके की है। नगर निगम के अधिकारी ने यहां जांच कर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की।

अनलॉक होते ही शहर में भीड़-भाड़ बढ़ गई है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के नियमों का पालन बड़ी चुनौती है। जिला प्रशासन के अधिकारी शनिवार को इन्हीं नियमों का पालन करवाते दिखे। अधिकारियों की टीम, शहर के प्रमुख चौक ,चौराहों, सब्जी बाजारों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सुबह 7 बजे ही पहुंच गई। मास्क न पहनने वाले या नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को मास्क के बिना लोगों को सामान न देने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि अनदेखी करते पाए जाने पर 15 दिन के लिए दुकान सील कर दी जाएगी।

जेल जाने से पहले होगी जांच

तस्वीर केंद्रीय जेल की है। इस कैंपस में विधायक विकास उपाध्याय ने पहुंचकी व्यवस्था का जायजा लिया।

सेंट्रल जेल में दाखिल होने वाले अब हर कैदियों की कोरोना जांच होगी। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने इसका सुझाव जेल प्रशासन और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को दिया है। विकास उपाध्याय रायपुर सेंट्रल जेल में कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर निरीक्षण करने गए थे। दो दिन पहले 40 से ज्यादा संक्रमित जेल में मिले हैं। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि कोरोना की जांच नहीं होने के कारण से जेल में संक्रमण पहुंच गया। लेकिन नई बिल्डिंग के कैदियों में ही था, पुरानी बिल्डिंग जहां पर बड़ी संख्या में कैदी हैं। वह जगह अभी भी सुरक्षित है।

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post

RVKD NEWS

Ads1

Facebook

Ads2