Chhattisgarh Coronavirus Update : कोरोना के 100 दिन पूरे, ऐसे बदला जिंदगी का तौर-तरीका

रायपुर Chhattisgarh Coronavirus Update : छत्तीसगढ़ में कोरोना को दस्तक दिए सौ दिन पूरे हो चुके हैं। महामारी के इस भयावह दौर ने लोगों को असल जिदंगी से रू-ब-रू करा दिया। लोग अब यह समझने लगे हैं कि स्वस्थ शरीर ही बेहतर जीवन का आधार है। धीमे-धीमे ही सही लेकिन लोगों की जीवनशैली के साथ अब समाज में भी कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आधुनिक तौर तरीकों से इतर लोग अपने संस्कृति और सभ्यता की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर खान-पान और दिनचर्चा के तौर तरीकों से हर दिन एक नई सुबह की शुरुआत हो रही है।

सुबह जल्दी उठने के साथ ही लोगों ने व्यायाम, योग का महत्व तो समझा ही, स्वस्थ शरीर के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी बल देना शुरू कर दिया है। बाहर बेवजह घुमना, बाहर खाने से परहेज, मास्क लगाने, हाथ धोने और हाथ मिलाने की जगह नमस्कार करने की प्रवृत्ति लोगों में आ रही है।

बाजार में चला नया दौर

व्यापारियों ने बताया कि लोग बार-बार बाजार जाने और बेवजह घुमने से दूरी बनाने लगे हैं। एक बार आकर जरूरी सामान एक साथ खरीद रहे हैं। ऑनलाइन मार्केटिंग का ट्रेंड देखा जा रहा है। गैर जरूरी सामानों से दूरी बनाकर सिर्फ काम की ही चीजें खरीदने पर जोर दिया जा रहा है। होटल, रेस्टोरेंट और सड़कों के स्टॉल में खाने से परहेज लोगों में साफ नजर आने लगा है।

स्वास्थ्य के प्रति हुए जागरूक

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की वजह से लोगों ने सेहत का महत्व समझना शुरू कर दिया। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होते अधिकांश लोग अब दिनचर्चा शुरू होने के साथ व्यायाम और योग करने लगे हैं। खाने-पीने में भी परहेज अब साफ नजर आती है। स्वास्थ्यगत छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न कर लोग चिकित्सकों की सलाह लेने से भी अब गुरेज नहीं कर रहे।

चिकित्सा सेवा में बदलाव

कोरोना महामारी से चिकित्सा के क्षेत्र में काफी बदलाव नजर आने लगा है। सरकार जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों को अपग्रेड कर रही है। वहीं बैक्टीरिया डिसीज की जगह अब अस्पतालों में वायरल डिसीज के इलाज की व्यवस्था पर ज्यादा बल देना शुरू कर दिया है। टेलीमेडिसिन से उपचार भी एक नए विकल्प के तौर पर उभरता नजर आ रहा है।

पुलिस से लेकर प्रशासन की शैली बदली

महामारी के दौर ने पुलिस से लेकर प्रशासन की शैली बदली। लोगों के साथ अब निगम प्रशासन जहां सफाई व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की शुरुआत कर रहा है। लॉकडाउन के बाद से पुलिस का काम करने का तरीका ही बदल गया। नई जिम्मेदारी के रूप में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने मास्क, सैनिटाइजर, शारीरिक दूरी के प्रति जागरूक करना पड़ा।

- कोरोना महामारी से लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुए हैं। नियमित दिनचर्या के साथ ही बेहतर खान-पान, साफ-सफाई को लेकर रुझान बढ़ा। हाथ व गले मिलने के बजाय अब लोग एक-दूसरे को नमस्कार करते हैं। लोगों को समझ में आ गया है कि पहले पैसा नहीं, सेहत जरूरी है। इधर, स्वास्थ्य के क्षेत्र में अस्पतालों की सुविधाओं को बढ़ाने हर स्तर पर प्रयास दिख रहे। यह सब आने वाले समय में एक बेहतर बदलाव के संकेत हैं। - डॉ. अरविंद नेरल, विभागाध्यक्ष (माइक्रोबायोलॉजी), आंबेडकर अस्पताल

-पुलिस जहां अपराध रोकने और शांति व्यवस्था बनाने के लिए काम करती थी, लेकिन महामारी के बीच नई चुनौतियां सामने आईं। खुद को सुरक्षित रखने के साथ ही लोगों को भी कोरोना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रखने की नई जिम्मेदारी पुलिस बखूबी निभा रही है। कार्य के दौरान खुद के साथ लोगों की, फिर घर जाने के बाद परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा के बारे में सोचना पड़ता है। कामकाज की शैली में बदलाव आ रहे हैं। - अभिषेक माहेश्वरी, एडिशनल एसपी, रायपुर

-कोरोना महामारी के दौरान नगर में साफ-सफाई के तौर-तरीके में भारी बदलाव आया है। अब लगभग सभी वार्डों में ब्लीचिंग पाउडर और कैमिकल के छिड़काव किए जा रहे हैं। सभी सफाई कर्मियों को संक्रमण से बचने के लिए मास्क दिए गए हैं। शहर में कचरा और गंदगी दिखने पर इसका निस्तारण समय पर किया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है। - पुलक भट्टाचार्य, अपर आयुक्त, नगर निगम

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