छत्तसीगढ़: सीएम आवास के सामने आत्मदाह करने वाले युवक की मौत, लेखक बनना चाहता था

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री निवास के सामने पिछले महीने आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है।
रायपुर जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाईंस थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री निवास के सामने 29 जून को आत्मदाह की कोशिश करने वाले हरदेव सिन्हा (27) की मौत हो गई है। युवक की मौत बीती रात रायपुर के कालडा नर्सिंग होम में हुई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिन्हा ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की थी। इस दौरान वह 50 फीसदी तक झुलस गया था। बाद में उसे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल पहुंचाया गया था। लेकिन जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तब उसे बेहतर इलाज के लिए कालडा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया था सिन्हा धमतरी जिले के तेलीनसत्ती गांव का निवासी था तथा वह पिछले दो वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ था।

धमतरी जिले के अनुविभागीय दण्डाधिकारी ने युवक के संबंध में बताया था कि सिन्हा अपने घर में माता-पिता और तीन भाई के साथ रहता था। पत्नी मजदूरी करती है और उसकी दो बेटियां हैं जिनकी उम्र छह वर्ष और तीन वर्ष है। सिन्हा का छोटा भाई भी मानसिक रूप से अस्वस्थ है, वह घर पर ही रहता है। बड़ा भाई धमतरी के गैरेज में काम करता है तथा पिता बुजुर्ग होने के कारण घर पर ही रहते हैं।

घटना के बाद राज्य सरकार ने इस मामले के दंडाधिकारी जांच के आदेश दिए गए थे। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरदेव सिन्हा की पत्नी से फोन पर बातकर उसे जरूरी मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया था।

युवक की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ट्वीट कर आरोप लगाया, 'कांग्रेस की कुनीति, कुशासन और कुप्रबंधन ने आज प्रदेश के एक युवक की हत्या कर दी।' आत्मदाह करने वाले प्रदेश के युवक को भूपेश बघेल सरकार मानसिक बीमार कहकर जख्मों पर नमक छिड़कती रही।

सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया है कि वह बताएं हरदेव सिन्हा की मौत का जिम्मेदार कौन है।

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