अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने वाले मेंबरों ने स्टेट बार कौंसिल नियम 11 का हवाला दिया है। दिए गए प्रावधान के अनुसार चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नौ मेंबरों का हस्ताक्षर होना अनिवार्य है। सचिव को लिखे गए पत्र में बार कौंसिल के नौ सदस्यों ने हस्ताक्षर किया है। चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग करने वालों में स्टेट बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन कोषराम साहू,पूर्व उपाध्यक्ष नीता जैन,रामनारायण व्यास,बीपी सिंह,लीलाधर चंद्रा,अशोक तिवारी,अवध त्रिपाठी,डॉ.शैलेष आहूजा व संजय अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए हैं।

ये है नियम

स्टेट बार कौंसिल नियमों के अनुसार अगर चेयरमैन के खिलाफ सदस्यों द्वारा सचिव को पत्र लिखकर अविश्वास प्रस्ताव लाने सामान्य सभा की बैठक बुलाने की मांग की जाती है तो स्टेट बार कौंसिल के सचिव को तय नियमों के तहत 21 दिनों के भीतर सामान्य सभा की बैठक आहुत करनी होगी। इस दौरान एकमात्र एजेंडा अविश्वास प्रस्ताव पर विचार करना होगा । स्टेट बार कौंसिल में निर्वाचित सदस्यों की संख्या 25 है। चेयरमैन को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटाने के लिए 19 सदस्यों की सहमति आवश्यक है।

वर्जन

स्टेट बार कौंसिल के नौ सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कौंसिल के सचिव को पत्र लिखकर अविलंब सामान्य सभा की बैठक बुलाने की मांग की है। चेयरमैन द्वारा लगातार परिषद के हितों के विपरीत कार्य किया जा रहा है। इससे परिषद की छवि लगातार खराब हो रही है।