अब दुर्ग में स्थित कामधेनु विश्वविद्यालय होगा वासुदेव चंद्राकर के नाम पर, माने जाते हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक गुरु

तस्वीर में नजर आ रही इमारत कामधेनू विश्वविद्यालय की है। इससे पहले कुछ और संस्थानों के नाम बदलने का काम सरकार कर चुकी है।
  • पूर्व सांसद हैं वासूदेव चंद्राकर, सरकार ने नामकरण का प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा
  • जल्द ही होगा राजपत्र में प्रकाशन, मध्यप्रदेश के जमाने में बना था कॉलेज

दुर्ग अंजोरा के कामधेनु विश्वविद्यालय का नामकरण अब पूर्व सांसद वासुदेव चंद्राकर के नाम से होगा। सरकार ने विवि का नाम बदलने का प्रस्ताव राज्यपाल अनुसूइया उइके को भेजा है। इसके बाद राजपत्र में इसका प्रकाशन किया जाएगा। मध्यप्रदेश का हिस्सा रहते हुए तब के  मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने अंजोरा वेटेरनरी कॉलेज की स्थापना की थी। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. चंदूलाल चंद्राकर का भी योगदान था। अंजोरा कालेज में बड़ा राष्ट्रीय कृषि मेला भी लगाया गया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी यहां आए थे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सरकार ने यहां विवि की स्थापना की। इसमें अंजोरा कालेज के साथ ही फिशरीज कालेज कवर्धा व डेयरी कालेज रायपुर भी शामिल किए गए। इसका नाम कामधेनु विवि रखा गया था। 
 

कौन हैं वासुदेव चंद्राकर 
वासुदेव चंद्राकर कांग्रेस नेता थे। उन्हें दाऊजी के नाम भी जाना जाता था। दुर्ग जिले की राजनीति का चाणक्य माना जाता था। वे दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के आजीवन अध्यक्ष रहे। वे खेरथा से विधायक भी चुने गए। अब यह विधानसभा सीट परिसीमन में विलोपित हो गई है। बताते हैं कि तब राजनीति में कदम रखने वाले आज के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उन्हें राजनीतिक गुरु मानते थे। उनका ज्यादातर वक्त वहीं गुजरता था। चंद्राकर को खेतीबाड़ी से बड़ा लगाव था। माना जाता है कि सीएम बघेल उन्हीं दिनों के सपनों को साकार करने नरूवा-गरुवा-घुरुवा-बारी योजना लेकर आए। पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर वासुदेव चंद्राकर की बेटी हैं। 

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