अपने नवाचार के बूते अक्षय अलंकरण के लिए चुनी गई सुनीता

कोरबा । अपने नवाचारी कार्यों के जरिए बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा में निखार के लिए सतत प्रयास रहने वाली शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दादरखुर्द की शिक्षिका सुनीता चंद्रा अक्षय शिक्षा प्रबोधक अलंकरण से सम्मानित होंगी। खासकर विज्ञान, सामुदायिक एवं कोरोनाकाल में जरूरतमंदों की मदद के साथ बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जागृत करने नवाचार उनकी इस सफलता में सहायक रहे। अपने कार्यों के बूते उन्होंने इंस्पायर अवार्ड से लेकर कई कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल कोरबा का मान बढ़ाया, बल्कि प्रोत्साहन के जरिए उनके विद्यार्थियों ने भी जिले को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने अहम भूमिका निभाई।

अक्षय शिक्षा अलंकरण समिति रायगढ़ की ओर से प्रतिवर्ष शिक्षाविद स्व. अक्षय पांडेय की स्मृति में राज्य भर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थी, पालक व समुदाय को सृजनशील बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने प्रदान किया जाता है। अन्य शिक्षकों को प्रेरित करने के उद्देश्य से राज्य भर से चयनित शिक्षकों को राज्य स्तर पर 11 विधाओं में सम्मानित किया जाता है। समिति की ओर से राज्य भर के शिक्षकों को अपने आवेदन प्रस्तुत करने आमंत्रित किया जाता है। समिति की चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन आवेदन, अभिलेख सत्यापन, शिक्षाविदों के साक्षात्कार, अलंकरण की पात्रता के पांच बिंदुओं पर मापदंड व तृतीय पक्ष का निरीक्षण प्रतिवेदन के उपरांत मिले प्राप्तांक के आधार पर मेरिट सूची बनाकर शिक्षकों का चयन किया जाता है। सभी प्रक्रियाओं व मापदंड में मूल्यांकन के बाद अक्षय शिक्षा अलंकरण समिति की ओर से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दादरखुर्द, संकुल झगरहा, विकासखंड एवं जिला कोरबा की नवाचारी शिक्षिका सुनीता चंद्रा शिक्षक (एलबी) का चयन अक्षय शिक्षा प्रबोधक अलंकरण पुरस्कार 2020 के लिए किया गया। सुनीता दादरखुर्द से पहले पूर्व माध्यमिक शाला कुरूडीह संकुल भैसमा में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्हें दो गांव के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों व ग्रामवासियों का विकास करने और सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने नवाचारी, रचनात्मक गतिविधियों, बाल केंद्रित शिक्षा व कबाड़ से जुगाड़ के अंतर्गत विज्ञान मॉडलों के जरिए विद्यालय व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इस कार्य में उनके विद्यालय के समस्त शिक्षक व समुदाय की भी सहभागिता रहती है।

कोरोनाकाल में सूती मास्क बना वितरण

कोविड-19 संक्रमण को रोकने लॉकडाउन के दौरान शिक्षिका सुनीता ने स्वयं, पड़ोसियों व मित्रों की मदद से जरूरतमंदों को वितरित करने 100 सूती मास्क तैयार किए। इसके अलावा राशन सामग्री, भौतिक सामग्री समाज सेवी संस्था को उपलब्ध कराई। कुष्ठ आश्रम में राशन की मदद के साथ दूसरों को भी प्रोत्साहित किया। उनके चयन पर माध्यमिक शाला दादरखुर्द की प्रधान अध्यापिका कल्याणी शुक्ला, हाईस्कूल दादरखुर्द की प्राचार्य मंजू तिवारी, विद्यालय के शिक्षक, संकुल समन्वयक सत्य ज्योति महिलांगे एवं ग्रामवासियों ने प्रसन्नता जाहिर की है। बच्चों व उनके परिजनों के स्वास्थ्य लाभ, वाहन संबंधी मदद, सृजनात्मक कौशल का विकास करने में सहभागिता देते हुए बच्चों में स्वच्छता संबंधी आदतों का विकास, दान की प्रवृत्ति का विकास करते हुए समाज हित में कार्य करने सतत प्रेरित किया।

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