मानसून मेहरबान:90 साल के इतिहास में पहली बार खूंटाघाट जुलाई में ओवरफ्लो

90 साल वर्ष के इतिहास में पहली बार जुलाई महीने में खूंटाघाट बांध लबालब हुआ है। वेस्ट-वीयर (रपटा) के ऊपर से पानी बहन का नजारा देखने के लिए लोग सालभर से प्रतीक्षारत रहते हैं। सोमवार को जैसे ही बांध ओवर फ्लो हुआ तो पानी की दूधिया धार बह निकली। 1930 में बनाया गया जिले का सबसे बड़ा यह बांध पहले कभी जुलाई महीने में नहीं छलका। सिंचाई विभाग के एक्सपर्ट बता रहे हैं कि इस वर्ष बीच-बीच में बारिश का होना और बांध में पहले से पानी था इसलिए यह जल्दी ओवरफ्लो हो गया है। एक जुलाई को बांध में 144.87 मिलियन घन मीटर यानी 75.32 फीसदी जलभराव था। 27 दिन में 24.68 फीसदी जलभराव बांध में हुआ है। एक्सपर्ट ने बताया कि यह इतिहास का पहला मौका है जब जुलाई महीने में बांध फुल हुआ है। बता दें कि 192.32 मिलियन घन मीटर क्षमता वाले खूंटाघाट बांध में वर्तमान में 192.32 एमसी-यूएम यानी 100 फीसदी पानी है। जबकि पिछले साल 27 जुलाई को बांध में सिर्फ 52.53 यानी 27 फीसदी पानी था।

इस वर्ष रबी के लिए भी दिया था पानी
सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता आरपी शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष बांध से 208 गांवों को निस्तारी के लिए पानी दिया है। साथ ही 48800 हेक्टेयर खरीफ और 1000 हेक्टेयर रबी फसल के लिए भी पानी दिया है। आगे भी 208 गांव के किसानों को निस्तारी के लिए पानी देंगे। गर्मियों में तालाब भी भरेंगे।

पिछले साल 26 सितंबर को ओवरफ्लो हुआ था
वर्ष 2006 से 2009 तक बांध 100 फीसदी नहीं भर पाया। 2010 में 100% भरा। 2014 में फिर बांध फुल हुआ था। 2019 में 26 सिंतबर को लगातार दूसरे वर्ष बांध छलका। 2018 में 9 से 16 सितंबर तक बांध से ओवर फ्लाे का नजारा सामान्य रूप से लोगों को देखने को मिला।

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post

RVKD NEWS

Ads1

Facebook

Ads2