कोरोना का असर:स्कूल बंद पर 9वीं व 10वीं की सरकारी किताबें आ गईं

बच्चों को अंकसूची मिले या ना मिले, लेकिन जनरल प्रमोशन के बाद उन्हें नए शिक्षा सत्र में पढ़ाई के लिए अगली कक्षा की पाठ्यपुस्तक अब जल्द ही मिलने वाली है। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने फरमान जारी कर दिया है। हालांकि अभी तक पुस्तकों की खेप नहीं पहुंची है, लेकिन डिमांड चली गई है। पाठ्य पुस्तक निगम से जल्द ही जिले में भेजी जाएंगी। वहीं कक्षा नवीं व दसवीं की एक लाख 58 हजार पुस्तक की खेप पहुंच चुकी है। केवल वितरण किया जाना शेष है। इधर, कोरोना के चलते स्कूल कब खुलेगा इसका भी पता नहीं है। अफसरों की मानें तो कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इसलिए स्कूल कब खुलेगा इसे कोई नहीं बता पा रहा है। बच्चों को वर्चुअल क्लास व लाउडस्पीकर के माध्यम से शिक्षा जारी है। वहीं कई इलाकों में शिक्षक अपने-अपने नवाचार के माध्यम से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी एस चंद्रसेन बताया कि लॉकडाउन खुलने के बाद वितरण किया जाएगा।
पहली से आठवीं तक बच्चों के लिए नहीं पहुंची पुस्तक की खेप : पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए पुस्तक अभी तक संकुल समन्वयकों के पास नहीं पहुंचा है। जिले के एक लाख 21 हजार बच्चों के गणवेश व पाठ्यपुस्तक के लिए डिमांड पूर्व में ही भेजी जा चुकी है। इस बार लॉकडाउन होने के बावजूद शिक्षक घरों में जाकर वितरण करेंगे या फिर पालकों को स्कूल बुलाकर देंगे।

लगभग 18-18 हजार किताबें स्कूलों में आईं
नए शिक्षा सत्र के लिए कक्षा 9 वीं व 10 वीं की बहभकस पाठ्यपुस्तकों की खेप पहुंच चुकी है। 9 वीं के लिए 17911 एवं 10 वीं के लिए 17826 किताबें आई है। इस सभी पुस्तकें 58 हाई स्कूल व 111 हायर सेकेंडरी स्कूल में वितरण के लिए पहुंची चुकी है। बिना पुस्तक के बच्चे वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। इसलिए जल्द ही पुस्तक वितरण करने के आदेश दिए गए हैं।

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