प्रदेश में बढ़ रहे संक्रमित:कोरोना मरीजों की रिकवरी दर 80 से घटकर 70 हुई, मृत्युदर अभी भी 0.48 फीसदी पर

प्रदेश में मरीज बढ़ने का असर है कि प्रदेश में मरीजों की रिकवरी यानी स्वस्थ होने की दर 80 से घटकर 70 फीसदी पर आ गई है। मृत्यु दर पहले की तरह 0.48 फीसदी है। प्रदेश में 5248 में 3658 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि 25 लोगों की मौत हो चुकी है। रिकवरी दर पड़ोसी राज्यों से बेहतर है,  जबकि मृत्युदर भी उनसे कम है। प्रतिदिन 5 से 6 हजार सैंपल लिए जा रहे हैं। इसमें रोज 5 हजार सैंपलों की रिपोर्ट आने का दावा अधिकारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में 10 हजार सैंपलों की जांच की जाएगी।  आंकड़ों के मुताबिक अभी महाराष्ट्र में रिकवरी दर 54.81, मध्यप्रदेश में 68.85, बिहार में 64.36, आंध्रप्रदेश में 49.94, तेलंगाना में 67.55, ओडिशा में 67.84 व   झारखंड में 50.57 प्रतिशत है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में मृत्यु दर 3.91, मध्यप्रदेश में 3.31, आंध्रप्रदेश में 1.31, तेलंगाना में 0.95, ओडिशा में 0.67, बिहार में 0.74 व झारखंड में 0.9 प्रतिशत है। प्रदेश में एम्स के अलावा मेडिकल कॉलेज रायपुर, रायगढ़ व जगदलपुर में आरटीपीसीअार जांच हो रही है। जबकि 13 जगहों पर ट्रू-नाॅट मशीन से सैंपलों की जांच की जा रही है। सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से भी सैंपलों की जांच हो रही है। प्रदेश के आठ क्षेत्रीय व 22 जिला स्तरीय अस्पतालों में कोविड-19 के मरीजों का इलाज हो रहा है। इन अस्पतालों में 3384 लोगों का इलाज हो सकता है।  इनमें 479 वेंटिलेटर के साथ 741 आईसीयू और एचडीयू बिस्तरों की भी व्यवस्था है। इन अस्पतालों के साथ ही 138 कोविड केयर सेंटर भी बनाए गए हैं, जहां 8736 लोगों को रखा जा सकता है।  सिंहदेव स्टेट कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से जांच व इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहे हैं। प्रदेश भर में संचालित 166 क्वारेंटाइन सेंटर्स में भी 4301 बिस्तर हैं। प्रवासी श्रमिकों की वापसी को देखते हुए ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में भी करीब 21 हजार क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं।

रिकवरी दर पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर : सिंहदेव
"प्रदेश में कोरोना मरीजों की रिकवरी दर पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर है। प्रदेश के राजनांदगांव, बिलासपुर व अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में अगले सप्ताह तक आरटीपीसीआर जांच शुरू हो जाएगी। वहीं 20 नई जगहों पर दो हफ्तों में ट्रू-नाॅट मशीनों से भी सैंपल जांच होने लगेगी। जांच का दायरा बढ़ाने पूल-टेस्टिंग भी की जा रही है। अभी तक प्रदेश में दो लाख 38 हजार 890 लोगों के सैंपल की जांच की जा चुकी है।"
-टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री

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