बोरी में 71.57 लाख रुपये ले जा रहे थे बिलासपुर, दो लोगों ने कट्‌टे से रोका, आंखों में लाल मिर्च झोंककर लूट लिया

  • बिना नंबर वाली दो बाइक से आए लुटेरे; लूटे गए दोनों मिल कर्मचारी भी शक के घेरे में
  • पांडातराई और कुंडा थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर जंगरपुर गांव में हुई घटना
  • लुटेरों के भागने वाले संभावित रास्तों पर 

कवर्धा/ पंडरिया. स्कूटी पर बिलासपुर जा रहे हितांशु राइस मिल नेवारी (कवर्धा) के दो कर्मचारियों के साथ गुरुवार को कट्टे की नोंक पर 71.57 लाख रुपए की लूट हो गई। घटना गुरुवार सुबह पौने 10 बजे की है। पांडातराई और कुंडा थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर जंगलपुर गांव के पास यह वारदात हुई। बिना नंबर वाली दो अलग-अलग मोटर साइकिल पर पीछा करते आ रहे नकाबपोश लुटेरों ने कट्टे की नोंक पर कर्मचारियों को रुकवाया। इसके बाद आंखों में मिर्ची पाउडर झोंका और कैश से भरी बोरी लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित कर्मचारी मनोज कश्यप और पारस यादव हितांशु राइस मिल में काम करते हैं। ये दोनों राइस मिलर मुन्ना अग्रवाल के काफी भरोसेमंद बताए जाते हैं। मिलर अग्रवाल को बिलासपुर में किसी व्यापारी को 71.57 लाख रुपए भुगतान करना था। इतनी बड़ी रकम को बोरी में भरकर कर्मचारियों को स्कूटी से बिलासपुर रवाना किया था। लेकिन बिलासपुर पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में लूट का शिकार हो गए।

कवर्धा, मुंगेली और बेमेतरा जिले में की गई नाकेबंदी
वारदात के बाद दोनों लुटेरे फास्टरपुर (मुंगेली) की ओर भागना बताए जा रहे हैं। सूचना पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में नाकेबंदी की गई। साथ ही मुंगेली व बेमेतरा पुलिस ने भी नाकेबंदी की। दिनभर चली जांच के बाद भी अज्ञात लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिला। एसपी केएल ध्रुव ने बताया कि घटनास्थल से लुटेरों के भागने वाले संभावित रास्तों पर सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

सुलगते सवाल जिनके जवाब ढूंढ रही पुलिस
1. राइस मिलर मुन्ना अग्रवाल ने घटना के एक दिन पहले ही बैंक से कैश निकाला था। मिल कर्मचारियों के कैश लेकर बिलासपुर जाने की बात लुटेरों को कैसे मालूम हुई।
2. घटनास्थल पर सड़क किनारे खेत है, जहां किसान धान का रोपा लगा रहे थे। उन्हें घटना का पता तब चला, जब पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ितों ने मदद भी नहीं मांगी।
3. मौजूदा दौर कैशलेस लेन-देन का है। इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम कैश पेमेंट करने जा रहे थे। वह भी स्कूटी पर। यह समझ से परे है।

भास्कर पड़ताल: अचानक ही नहीं हुई लूट की घटना
वारदात से साफ है कि यह अचानक हुई लूट नहीं है, बल्कि सब कुछ पहले से प्लानिंग की गई है। यह इस बात से स्पष्ट हो जाता है कि लुटेरों ने वारदात को अंजाम देने मिर्ची पाउडर रखा था। लुटेरों को पहले से मालूम था कि रबेली- कुंडा रास्ते होते हुए राइस मिल के कर्मचारी बड़ी रकम कैश लेकर बिलासपुर जा रहे हैं। रास्ते में बड़ी गाड़ियां नहीं चलती। भीड़ भी कम रहती है। लुटेरे इस रूट को पूरा स्कैन कर रखे थे।

पड़ोसी जिले में भी हो चुकी है लूट की बड़ी वारदात
कबीरधाम के पड़ोसी जिला बेमेतरा में भी लूट की बड़ी वारदात हो चुकी है। 5 अक्टूबर 2019 को नवागढ़ थाना क्षेत्र के अतरिया खार में एटीएम कैश वैन से 1.64 करोड़ रुपए लूट हुई थी। नकाबपोश लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया था। वारदात वाले दिन ही पुलिस ने 4 लुटेरों को गिरफ्तार किया था। लूट की ज्यादातर रकम लुटेरों से जब्त कर ली थी। एटीएम से जुड़े दो लोगों ने लूट की साजिश रची थी।

... तो, दोनों कर्मचारी पहले भी ले जाते रहे हैं रकम
लूट का शिकार हुए राइस मिल के दोनों कर्मचारी पहले भी इसी तरह कैश लाते ले जाते रहे हैं। पेमेंट देने भाठापारा, बिलासपुर व कई अन्य जगहों पर ये दोनों कर्मचारी पैसा लेने जाते हैं।


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