किर्गिस्तान में फंसे छत्तीसगढ़ के 242 मेडिकल स्टूडेंट, सांसद मंडावी ने पालकों की पीड़ा देख विदेश मंत्री को लिखा पत्र

बालोद. किर्गिस्तान में फंसे छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के 242 विद्यार्थियों ने कोरोना संकट में सरकार से घर वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है। ये सभी विद्यार्थी मेडिकल की पढ़ाई करने गए हैं। किर्गिस्तान में कोरोना महामारी तेजी से फैल रही है। इस वजह से विद्यार्थी सहित उनके पालक सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है। कोरोना महामारी पूरे विश्व में फैल चुकी है। देश से बाहर पढ़ाई करने गए कई विद्यार्थी अभी भी अन्य देशों में फंसे हैं। हालांकि मिशन वंदे मातरम के तहत कई विद्यार्थियों की वतन वापसी हुई है।

सांसद ने लिखा पत्र
बालोद जिले के पालकों ने अपने बच्चों को किर्गिस्तान से वापस लाने कांकेर के सांसद मोहन मंडावी के पास जाकर अपनी व बच्चों की समस्या बताई। दरअसल मामले में अभी तक शासन-प्रशासन से कोई पहल नहीं हुई है। जबकि पालकों ने भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की और आवेदन दिया। पालकों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने कहा कि इस पर तत्काल पहल की जाएगी। इसके बाद सांसद मोहन मंडावी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर छात्र-छात्राओं को वापस लाने की अपील की है।

बालोद जिले के एक पालक ने बताया कि उनकी बेटी किर्गिस्तान में रहकर पढ़ाई करती है, लेकिन अभी तो वहां कोरोना संक्रमण और तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ज्यादा परेशानी हो रही है। वहां से टेलीफोन से सम्पर्क होता है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से कहीं आना-जाना बंद है। ऐसे में वहां उनके खाने एवं देखरेख की चिंता बढ़ गई है। अब वह वापस आना चाह रही है। फ्लाइट भी बंद है, ऐसे में ज्यादा समस्या होने लगी है। सरकार तत्काल मिशन वंदे मातरम की तरह विद्यार्थियों को वापस लाए। अभी वहां पढ़ाई भी नहीं चल रही है।

जल्द उच्च अधिकारियों से चर्चा करेंगे
सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि पालकों ने बताया कि कई पालकों के बच्चे किर्गिस्तान में पढ़ाई करने गए हैं। इन विद्यार्थियों को वापस लाने विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। जल्द ही उच्च अधिकारी से भी चर्चा की जाएगी।

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