महासमुंद:लॉकडाउन में आमदनी बंद हुई तो बनाने लगे नकली नोट, 21 लाख के नोट बरामद, 5 युवक गिरफ्तार

तस्वीर महासमुंद एसपी दफ्तर की है। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि यह बड़ा रैकेट था जो प्रदेश से ही नकली नोट का कारोबार कर रहा था। रायपुर में बड़ी डील हुई थी वो कौन लोग हैं उसक भी पता लगा रहे हैं।
  • जिले की पुलिस की एक्शन का नतीजा, बड़े गिरोह का खुलासा
  • बलौदाबाजार जिले से ऑपरेट हो रहा था नकली नोट का रैकेट
  • गांजा तस्करी करने वाला पंजाब का गिरोह भी पुलिस की गिरफ्त में

मंगलवार को पुलिस नकली नोट बनाने और गांजे की तस्करी करने वाले दो गिरोह के 8 लोगों को पकड़ा। दिलचस्प ये है कि एक 29 साल के युवक ने लोन लेकर कलर प्रिंटर खरीदा था। फोटोकॉपी और प्रिंट आउट का काम लॉकडाउन में ठप हो गया। कर्ज बढ़ रहा था। इसलिए आरोपी ने इस कलर प्रिंटर का इस्तेमाल नकली नोट छापने में शुरू कर दिया। अब 21 लाख रुपए के नकली नोट और अपने 4 साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे गिरोह से पुलिस को 100 किलो गांजा मिला है। पंजाब के तीन युवक इस मामले में पकड़ गए हैं।

ऐसे हुआ खुलासा
महासमुंद के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर को को सूचना मिली थी कि नकली नोट छापकर उसे खपाने की फिराक में कुछ लोग नदीमोड़ बेलसोण्डा फाटक के सौदा करने वाले हैं। इस इनपुट पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया। सायबर सेल औ थाना सिटी कोतवाली की टीम सादे कपड़ों में यहां पहुंच गई। टीम नेशनल हाईवे में चेकिंग अभियान चलाकर गाड़ियों की तलाशी ले रही थी। दो लोग बाइक पर आ रहे थे। इनमें से एक ने पूछताछ में अपना नाम कलाराम उर्फ रामदास नायक बताया। 29 साल का यह युवक बलौदाबाजार का रहने वाला था। इसका साथी मुन्नालाल भी बाइक पर बैठा था। इनके पास से एक सफेद झोला मिला। इसमें रुपए भरे हुए थे।

टीम का शक यकीन में बदल गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर मुन्नालाल ने बताया कि इसस पहले वो हत्या के मामले में जेल जा चुका है। उसने यह भी कह दिया कि कलाराम के पास रंगीन फोटोकापी प्रिंटर है। जिससे नकली नोट बनाने का काम होता है। आरोपी ने बताया कि 25,000 के असली नोट के बदले 1,00,000 रुपए के नकली नोट बनाकर देने का काम करते हैं। इसके बाद पुलिस को आरोपियों के अन्य साथियों के बारे में पता चला। पुलिस की चार टीम बना दी गईं। बलौदाबाजार जिले के सरसीवा थाना के बिलासपुर , ओड़काकन में छापे मारे गए। जैतपुर गांव में पुलिस को कलर फोटोकापी मशीन, कटर, इंक, पेपर वगैरह मिले।

खुद किया इस्तेमाल
आरोपी ने बताया कि बैंक और आम लोगों से लिया कर्ज परेशानी बन गया था। शुरूआत में इन्हें चुकाने के लिए उसने 10 और 20 रुपए के नकली नोट बनाने शुरू कर दिए। जब भीड़ में इन्हें खपाने में कामयाब रहा तो 500, 100 और 50 रुपए के नोट छापे। मुन्नालाल भारती, दुर्गा कुर्रे, रेशम कोसले, भूपेन्द्र जांगडे़ नाम के अपने साथियों को भी इसने नकली नोट खपाने के लिए दिए। वो भी चल गए तो इन बदमाशों का लालच बढ़ गया। आरोपियों ने बताया कि रायपुर के एक व्यक्ति ने लगभग 15,00,000 रूपये के नकली नोट की मांग की थी। इसी की डिलिवरी नदी मोड़ पुल के पास करने जा रहे थे। पुलिस अब उन लोगों का भी पता लगा रही है। जिनसे इन बदमाशों की डील हो रही थी।

गांजे के तस्कर

पुलिस की कार्रवाई पर गौर करें तो प्रदेश में गांजा तस्कर अधिकांश ओडिशा से ही अवैध माल लेकर आते हैं। तस्वीर महासमुंद में गिरफ्तार आरोपियों की है।

पिथौरा चौक बागबाहरा के सामने मेन रोड पर पुलिस ने चेकिंग लगा रखी थी। पंजाब के नंबर वाली महिन्द्रा पीकअप को रोका गया। इसमें तीन लोग बैठे थे। यह लोग खरियार रोड की तरफ से आ रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने कहा कि ओडिशा गए थे अनानस खरीदने। टीम ने अनानस की जांच की। इनके नीचे आरोपियों ने 4 सफेद प्लास्टिक के बोरों में 100 किलो गांजा छुपाकर रखा था। लुधियाना के चन्द्रशेखर श्रीवास्तव, पंकज कुमार चौबे, संदीप कुमार पाण्डेय को पकड़ा गया। अब पुलिस की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों को गांजा कहां से मिला। आरोपियों की गाड़ी और मोबाइल फोन जब्त कर इनकी जांच की जा रही है।

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