कोरोना से जंग की तैयारी:बड़े शहरों पर और बढ़ेगा कोरोना का दबाव, 16 हजार बिस्तर तैयार, दो हजार में जुड़ा ऑक्सीजन

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा : लक्षण वाले मरीज जांच कराएं और इसे फैलने से रोकें, प्रदेशभर में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 22 हजार बिस्तर चिह्नांकित किए गए हैं

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जांच की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रदेश में मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। बड़े शहरों पर मरीजों का दबाव अभी और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि रायपुर में यदि मरीजों की संख्या छह हजार हो गई तो व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा। इलाज की व्यवस्था को लेकर सिंहदेव ने कहा कि प्रदेश में 22 हजार बिस्तर चिह्नांकित किए गए हैं इनमें से 16 हजार बिस्तर तैयार हो चुके हैं। लेकिन शहरों में तेजी से व्यवस्था बढ़ाने की ज़रुरत है। सिंहदेव ने कहा कि कुछ दिनों में टेस्टिंग बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 22 हजार बिस्तरों में 2 हजार बिस्तर सीधे आक्सीजन की पाइपलाइन से जुड़ी है जबकि शेष बिस्तरों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था रखी गई है। संक्रमित मरीजों में से सिर्फ 20 फीसदी गंभीर मरीजों को ही आक्सीजन की ज़रुरत पड़ती है।

जांच में मदद नहीं कर रहे लोग
सिंहदेव ने कहा कि हवाई और रेल मार्ग से रोज सैकड़ों लोग आ रहे हैं। निजी वाहनों से भी लगातार आवाजाही चल रही है लेकिन लक्षण दिखने के बाद भी कई लोग ऐसे हैं जो जांच नहीं करवा रहे हैं। जांच टीम जाती है तो उसे भगा रहे हैं। सिंहदेव ने कहा कि ऐसे लोग जांच में सहयोग करें और इस वायरस को फैलने से रोकने में मदद करें। क्योंकि भले ही यह वायरस जानलेवा नहीं है लेकिन तेजी से संक्रमित करने वाली है।

32 ट्रूनाट मशीनें मंगा रहे
सिंहदेव ने कहा कि रैपिड टेस्ट किट जितने बचे हैं उससे जांच चल रही है। अब और नहीं मंगाया जाएगा। 32 ट्रूनाट मशीनें हैं जिसे किसी भी जिले में भेजा जा सकता है। इससे जांच की गति बढ़ी है।

संविदा पर नियुक्तियां
मेडिकल स्टॉफ की कमी दूर करने चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इसके लिए संविदा पर नर्सिंग स्टाफ रखे जा रहे हैं। इसके लिए डीएमएफ और दूसरे मदों से फंड की व्यवस्था की जा रही है।

जिनमें दूसरी बीमारियां वही लोग ज्यादा संक्रमित
प्रदेश में कोरोना की चपेट में वही लोग ज्यादा आ रहे हैं जिन्हें दूसरी बीमारियां हैं। स्वस्थ व्यक्ति के बजाय ऐसे लोगों में यह तेजी से असर करता है।

बृजमोहन का सुझाव- सरकारी अस्पतालों में सिर्फ गंभीर मरीजों की ही भर्ती की जाए
पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में प्रतिदिन भयावह रूप से बढ़ते हुए कोरोना के मरीजों की संख्या पर प्रभावी कदम उठाने की मांग की। अग्रवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सिर्फ कोरोना के गंभीर मरीजों की ही भर्ती किए जाएं। सभी निजी अस्पतालों में चर्चा कर वहां भी कोरोना ईलाज की व्यवस्था कराएं। बड़े धर्मशाला एवं शहर के बाहर स्थित होटलों में प्रारंभिक लक्षण वाले मरीज को रखने के लिए व्यवस्था की जा सकती है। वहीं शहर के सभी वार्डों में कोरोना टेस्टिंग के लिए शिविर लगाए जाएं।

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