कोरोना:राधास्वामी, सुभाष स्टेडियम में 1275 बेड जल्द, 1-2 केस मिले तो कालोनी-अपार्टमेंट सील नहीं

निगम को मिले एम्बुलेंस में विकास नगर से 2 पॉजिटिव मरीज को ले जाया गया।
  • दोनों जगहों को इलाज के लिए नया सेंटर बनाने का सर्वे भी पूरा

कोरोना मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए नगर निगम-स्मार्ट सिटी ने मोतीबाग के सामने सुभाष स्टेडियम और आउटर में राधास्वामी सत्संग भवन को तुरंत ही नए कोविड सेंटरों में तब्दील करने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों में 1276 बेड की व्यवस्था की जाएगी। आयुर्वेदिक कालेज और इंडोर स्टेडियम की तर्ज पर ही दोनों जगहों को कोविड केयर सेंटर में बदला जा रहा है। इसके बाद राजधानी में अगले 15 दिन तक ज्यादा मरीज मिलने के बावजूद इलाज के लिए बेड की कमी नहीं होगी।

हेल्थ विभाग ने जून में जिला प्रशासन को 2 हजार बिस्तरों की वैकल्पिक तैयारी करने का लक्ष्य दिया था। प्रशासन के निर्देश पर निगम-स्मार्ट सिटी ने शहर का सर्वे कर चार जगहें तलाशी थीं। इनमें इंडोर स्टेडियम में कोविड सेंटर शुरू हो चुका है, आयुर्वेदिक अस्पताल में शुरू होने वाला है। इसके बाद सुभाष स्टेडियम और राधास्वामी सत्संग परिसर (यहां अभी क्वारेंटाइन सेंटर था) में कोविड केयर सेंटर चालू किए जाएंगे। इंडोर स्टेडियम और आयुर्वेदिक कॉलेज में 400 बिस्तरों की व्यवस्था है। नए सेंटरों में 1276 बेड की व्यवस्था होगी, अर्थात निगम-स्मार्ट सिटी मिलकर राजधानी में करीब 1700 बिस्तर का इंतजाम करने जा रहा हैं। निगम आयुक्त सौरभ कुमार के मुताबिक मरीजों के इलाज के लिए नए कोविड केयर सेंटर में भी सभी जरूरी इंतजाम और सुविधाएं जुटा ली जाएंगी, जिनमें टाॅयलेट-वाॅशरूम वगैरह प्रमुख हैं।

सिस्टम और इलाज में बदलाव से जुड़ी 3 अहम खबरें

1. एक-दो मरीज मिलने से पूरा मोहल्ला सील नहीं
अभी राजधानी में 270 कंटेनमेंट जोन हैं। मरीज बढ़ने से यह संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए प्रशासन ने तय किया है कि एक या दो मरीज मिलने पर पूरी कॉलोनी व मोहल्ले को बांस-बल्ली से सील नहीं किया जाएगा। संबंधित मरीज के घर को ही सील किया जाएगा, ताकि लोग आना-जाना नहीं कर सकें। जरूरत पड़ने पर ही गली सील की जाएगी। जिस इलाके में 4 या ज्यादा मरीज मिलेंगे, वहीं 200 मीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन में तब्दील किया जाएगा। इससे राहत यह मिलेगी कि जहां कोरोना मरीज मिलेंगे, उस मोहल्ले के अन्य एरिया में लोगों को अपने काम-काज करने की छूट मिलेगी।

2. घर में डॉक्टरों का ही इलाज, बाकी अस्पताल में
राजधानी में पॉजीटिव मरीजों के होम आइसोलेशन को लेकर हेल्थ अफसरों ने साफ किया कि जो डाक्टर कोरोना पाजिटिव आ रहे हैं, होम आइसोलेशन में इलाज की इजाजत केवल उन्हीं को दी जाएगी। वजह ये है कि डाक्टर होने के नाते उन्हें ही पता रहता है कि अपनी देखभाल, इलाज और सुरक्षा किस तरह करनी है। यहां तक कि पैरामेडिकल स्टाफ को भी इलाज के लिए अस्पताल में ही भर्ती किया जाएगा। जहां तक बाकी लोगों का सवाल है, उन्हें अस्पताल में ही भर्ती किया जाएगा। कारण यह है कि राजधानी में इतना मेडिकल स्टाफ नहीं है कि घरों में जाकर लोगों की सेहत का ध्यान रखे।

3. मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 नई एंबुलेंस
मरीज बढ़ने की वजह से उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती करने में पिछले दो दिन से हुई परेशानी को देखते हुए अब हर जोन में एक-एक (शहरभर में कुल 10) नई गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं, जो एंबुलेंस का काम करेंगी। हर एंबुलेंस निर्धारित जोन में मिले मरीजों को अस्पताल या कोविड सेंटरों तक ले जाएगी। अब तक हेल्थ अमला और पुलिस मिलकर एंबुलेंस से मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे थे। एंबुलेंस कम पड़ गई थीं, इसलिए कई मरीजों को पूरा-पूरा दिन घर में ही इंतजार करना पड़ गया था। इसलिए इस काम में अब नगर निगम के जोन अफसरों को भी जोड़ दिया गया है। उन्हें अपने वार्ड व कॉलोनी-मोहल्ले की जानकारी होती है, इसलिए उनकी मदद से ये गाड़ियां समय पर सही जगह पहुंच जाएंगी।

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