कोरोना में पढ़ाई:स्कूलों में पहली से 11वीं तक प्रवेश 1 अगस्त से, किताबें और यूनिफार्म पहुंचाई जाएंगी घर; नए प्रयोग करने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को हुई वेबिनार 'मुमकिन है बेहतरीन पहल से' में 35 हजार से ज्यादा शिक्षक, शिक्षाविद्, अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने अपने नए प्रयोग और अनुभव को साझा किया।
  • स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से हुई वेबिनार- मुमकिन है बेहतरीन पहल से
  • 20 अगस्त तक चलेगी प्रवेश प्रक्रिया, एडमिशन के लिए अलग-अलग प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बीच बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए नए-नए तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी के तहत अब स्कूलों में बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। इसमें कक्षा पहली से लेकर 11वीं तक 1 अगस्त से प्रवेश दिया जाएगा। 20 अगस्त तक चलने वाली इस प्रक्रिया में एडमिशन के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से बुधवार को हुई वेबिनार 'मुमकिन है बेहतरीन पहल से' में संचालक लोक शिक्षण (डीपीआई) जितेन्द्र शुक्ला ने कहा, नए प्रवेश लेने वाले छात्रों के बैंक खाते और उनकी जानकारी अपडेट की जाए। पात्र विद्यार्थियों को साइकल का वितरण भी होगा। वहीं किताबें और यूनिफार्म का वितरण घर पहुंचाकर करने के निर्देश दिए।

तीन स्तर में प्रवेश प्रक्रिया

  • 8वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए : पहली से 8वीं तक के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश दिलाने की जिम्मेदारी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की होगी। पहली में प्रवेश के लिए गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों की सूची ली जाएगी। इसके अतिरिक्त गांव में सर्वे कर नए प्रवेश लेने वाले बच्चों की जानकारी एकत्र होगी।
  • कक्षा 6वीं तक प्रवेश के लिए : प्राइमरी के बाद कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्राइमरी स्कूल के प्रधान पाठक छात्रों की सूची और आवश्यक दस्तावेज मिडिल स्कूल में प्रवेश के लिए उपलब्ध कराएंगे।
  • कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए : इसी तरह कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रवेश के लिए कक्षा 8वीं पास बच्चों के आवश्यक दस्तावेज भी प्रवेश के लिए उपलब्ध कराना होगा। शेष सभी अगली कक्षा में प्रवेश पिछली कक्षा के आधार पर दिया जाना जाएगा।

पांच बातों पर होगा काम : बिना इंटरनेट चलेगा एप

  • पहली तीन बातों में गांव-मोहल्ला में सामुदायिक सहायता से पढ़ाई, लाउडस्पीकर से बच्चों को पढ़ाना, ब्लूटूथ से ऑडियो फाइल। इससे शिक्षा विभाग की वेबसाइट से बिना इंटरनेट के एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल पर भेजा जा सकता है।
  • ऐसा एक नया मोबाइल एप बनाया जा रहा है, जिसे इंस्टॉल करते तक ही नेट की जरूरत पड़ेगी। उसके बाद इंटरनेट के बगैर सुचारु रूप से एप्लीकेशन संचालित होगा।
  • राज्य स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा यहां के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर किसी भी विषय के पाठ से संबंधित प्रश्न पूछने पर उत्तर दिया जाएगा।

वेबिनार में 35 हजार से ज्यादा शिक्षक, अधिकारी हुए शामिल
वेबिनार में 35 हजार से ज्यादा शिक्षक, शिक्षाविद्, अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने अपने नए प्रयोग और अनुभव को साझा किया। एससीईआरटी के सहयोग से हुई वेबिनार में तय किया गया कि शिक्षा में नए प्रयोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षक दिवस पर नए प्रयोगों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी, संकुल समन्वयक और शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।

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