सोशल डिस्टेंसिंग की तैयारी पूरी, जल्द खुलेगा काशी विश्वनाथ मंदिर

केंद्र सरकार के आदेश के बाद मंदिरों ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर ली है. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी.

अनलॉक के पहले चरण में मंदिरों को खोलने की अनुमति केंद्र सरकार ने दे दी है. उत्तर प्रदेश के बड़े मंदिरों ने भी मंदिरों को खोलने की तैयारियां शुरू कर दी हैं. हालांकि अभी यूपी सरकार की तरफ से इस तरह का कोई आदेश नहीं आया है. धर्म की नगरी काशी में स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंगों में सर्वोपरि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रशासन ने भी मंदिर को खोलने की तैयारियां पूरी कर ली हैं. अब नए नियमों को प्रशासन से हरी झंडी मिलने के बाद दर्शन पूजन शुरू करा दिया जाएगा.

किस तरह की होगी तैयारी?

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि मंदिरों के खुलने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से 8 जून की तारीख तय की गई है लेकिन इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शासन स्तर से आदेश जारी किया जाएगा. जब तक आदेश जारी नहीं होता तब तक हम यह नहीं कह सकते कि मंदिर 8 तारीख के बाद खोल दिया जाएगा, लेकिन मंदिर प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.

मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर ऑटोमेटिक हैंड सैनिटाइजर मशीन लगाई जा रही है ताकि मंदिर में प्रवेश पाने वाले श्रद्धालु अपने हाथों को सेनिटाइज कर सकें. इसके अलावा श्रद्धालुओं के आपस की दूरी 2 मीटर रखी जाएगी. जब तक अगला श्रद्धालु दर्शन करके हट नहीं जाता तब तक पीछे लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलेगी.

विशाल सिंह ने बताया कि जिस तरह आरती के पहले मंदिर को बंद करके साफ-सफाई हुआ करती थी उसी तरह अब मंदिर को गर्भगृह सहित पूरी तरह से इंडस्ट्रियल सैनिटाइजर से सेनिटाइज किया जाएगा. इस तरह दिन भर में 5 बार मंदिर को सेनिटाइज किया जाएगा. इन तैयारियों के साथ मंदिर को खोला जाएगा और उम्मीद रहेगी कि कोई भी विपरीत परिस्थिति ना पैदा हो और ना ही श्रद्धालुओं को इंफेक्शन हो.

इसके अलावा आरती के लिए बिक्री होने वाले टिकटों की संख्या भी एक तिहाई कर दी गई है ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा सके. मंदिर के खुलते ही उमड़ने वाली भीड़ के बारे में विशाल सिंह ने बताया कि उनके पास पर्याप्त जगह है और इस बात का भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है कि श्रद्धालु समय का ध्यान रखते हुए मंदिर आएं.

मंदिर में भीड़ बढ़ने पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के जरिए भी भक्तों को जानकारी दी जाएगी कि दूसरे वक्त दर्शन के लिए भी आ सकते हैं. इसके अलावा हेलडेक्स के जरिए भी सबसे कम भीड़ वाले समय में लोगों से दर्शन करने की अपील की जाएगी.

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post

RVKD NEWS

Ads1

Facebook

Ads2