बीएसएफ के 3 जवान और रिसाली निगम का सफाई कर्मी संक्रमित, सैंपल देने के बावजूद ड्यूटी में आया

  • रिसाली निगम का सफाई कर्मी धूमा गांव से आता था ड्यूटी में, सैंपल देने के बाद मरोदा में मामा के र में रूका
  • 3 दिन तक दोस्तों से मिला और घूमता रहा, संक्रमित होने के बाद धूमा गांव सील

भिलाई. कोरोना का संक्रमण जिले में तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को जिले में कोरोना के 4 नए मरीज मिले। इनमें तीन मरीज तो बीएसएफ के जवान हैं। हैरत की बात यह है कि रिसाली में पदस्थ बीएसएफ हेड कांस्टेबल की कोई ट्रैवल्स हिस्ट्री नहीं है और कोरोना पॉजिटिव निकला। कांकेर जिले से दुर्ग ट्रेन से आए दो बीएसएफ जवान भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसके अलावा रिसाली नगर निगम का सफाई कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव आया है।

यह सफाई कर्मी अपने गांव पाटन ब्लॉक के धूमा से अप-डाउन करता था। वहां उनके माता-पिता सहित गांव वालों से कांटेक्ट में रहा। इस खबर के बाद गांव में दहशत का माहौल है और गांव को सील कर दिया गया है। रिसाली निगम ने इस कर्मी के साथ सफाई करने वाली टीम के सात कर्मियों को होम क्वारेंटाइन में भेज दिया है।

कम्युनिटी स्प्रेडिंग का खतरा...:एक हेड कांस्टेबल की ट्रैवल हिस्ट्री तक नहीं

कहीं गया नहीं फिर भी संक्रमित: रिसाली बीएसएफ में पदस्थ 43 वर्षीय हेड कांस्टेबल सेक्टर-3 बीएसएफ हॉस्टल के छात्रावास में रहता है। वहां से रिसाली कार्यालय में ड्यूटी करता। 22 जून को उसने सैंपल दिए थे। सैंपल देने के बाद भी उसने शनिवार तक ड्यूटी जारी रखी। हॉस्टल से वाहन में एक साथ और जवान भी आता है।

परिवार से मिलकर लौटा जवान: 51 वर्षीय बीएसएफ का कांस्टेबल 3 जून को जम्मू से लौटा है। जम्मू में वह अपने परिवार से मिलने छुट्टी लेकर जनवरी में गया था। लॉकडाउन में वह फंस गया और अब आया है। कांकेर जिले में वह पदस्थ है। आने के बाद क्वारेंटाईन सेंटर जलेबी चौक में क्वारेंटाइन है और सैंपल 22 जून को दिए थे।

जम्मू से भिलाई लौटा: 29 वर्षीय बीएसएफ का कांस्टेबल 3 जून को जम्मू के कठुआ जिले के हीरानगर से लौटा। वहां अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाकर आया है। फरवरी में वह छुट्टी लेकर अपने माता-पिता और पत्नी से मिलने गया था। 22 जून को उसने सैंपल जांच के लिए दिए थे। जलेबी चौक क्वारेंटाइन सेंटर में सैंपल दिया है।

अपनी पत्नी को लाने गया था सफाई कर्मी डोंगरगढ़: 30 वर्षीय सफाई कर्मी अपनी पत्नी को लाने डोंगरगढ़ गया था। अपने गांव धूमा से रिसाली निगम में ड्यूटी करने के लिए अप-डाउन करता था। रविवार को खांसी आने लगी तो वह जिला अस्पताल फीवर क्लीनिक जाकर जांच करवाई। वहां से सैंपल जांच के लिए रायपुर भेजा गया था।

बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन की यह भी तैयारी

पहला: 1100 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर: कोरोना के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी भी शुरू कर दी है। 1100 बिस्तर का काेविड केयर सेंटर बनाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक कचांदुर के चंदूलाल चंद्राकर हॉस्पिटल और पुरई के गर्व कॉलेज पुरई को अस्पताल को काेविड सेंटर के रूप में बदला जाएगा।

चिंता की बात: बिना लक्षण और ट्रैवल हिस्ट्री नहीं होने के बावजूद मिल रहे मरीज, मरोदा में घूमता रहा कर्मी

  • सफाई कर्मी मामा के यहां रहा, ड्यूटी भी करता रहा: रिसाली निगम का सफाई कर्मी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जब वह जिला अस्पताल में सैंपल देकर निकला तो मरोदा में अपने मामा के यहां रूक गया। तीन दिन तक वह यहां रहा हैं। टीम ट्रेस करने उसके गांव धूमा गई तो यह खुलासा हुआ। 
  • हेड कांस्टेबल तो कहीं गया नहीं: रिसाली में पदस्थ बीएसएफ के हेड कांस्टेबल की ट्रैवल्स हिस्ट्री नहीं है और न ही उसे कोरोना के लक्षण मिले हैं। बीएसएफ के और जवानों के सैंपल लिए गए तब उसने भी दिया। स्वास्थ्य विभाग हैरत में है कि आखिर बिना ट्रैवल्स हिस्ट्री के कैसे संक्रमित हो गया। 
  • दूसरा: ट्रू-नॉट मशीन के लिए दो बैच को दे रहे ट्रेनिंग: जिला अस्पताल में ट्रू नॉट मशीन से जांच शुरू होना है। यह मशीन अभी नहीं आई है। मशीन परिवार स्वास्थ्य कल्याण विभाग रायपुर द्वारा यहां भेजा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग डॉॅक्टर सहित स्टॉफ को प्रशिक्षित कर रहा है। पहले बैच में एक डॉक्टर व दो टेक्नीशियन प्रशिक्षित हुए हैं। 

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