जगदलपुर : बस्तर जिले के 28 चिन्हित छात्रावास - आश्रम शालाओं में बनाए गए राहत शिविर में रुके 753 लोंग

जिले में  अन्य राज्यों या जिलों से आने वाले नागरिकों के लिए जिला प्रशासन द्वारा आदिम जाति विकास विभाग के छात्रावास और आश्रम शालाओं को राहत शिविर के रूप में बनाया गया है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के सातों विकासखण्ड में 28 चिन्हित छात्रावास और आश्रम में 753 लोंगों को रुकवाया गया है। जहां पर सभी को पेयजल, राशन और आवासीय सुविधा दिया गया है। इन स्थानों पर रुके हुए लोंगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाया गया है। इन स्थानों में जगदलपुर विकासखंड के नगरनार बालक छात्रावास में 7, दंतेश्वरी कालेज छात्रावास में 44, बास्तानार विकासखंड में कोड़ेनार प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में 10,लोहण्डीगुंडा विकासखंड में चंदनपुर बालक आश्रम शाला में 46,करकागुडा आश्रम शाला में 59,गुनियापाल कन्या आश्रम में 52, बाघनपाल बालक आश्रम शाला में 40, सुरगुड़ा बालक आश्रम शाला में28, ककनार संयुक्त आश्रम शाला 23, चंदेला बालक आश्रम में 30, छिन्दबहार कन्या आश्रम में 22, मारडुम प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में 39, मारडुम बालक आश्रम में 25, कोठीयागुड़ा बालक छात्रावास में 23,गडदा बालक आश्रम में  14, पारापुर कन्या आश्रम शाला में 25, मारीकोड़ेर कन्या आश्रम शाला में 13,अलनार कन्या आश्रम में 41, मिचनार बालक आश्रम शाला में 13 लोग रुके है।

    इसी प्रकार दरभा विकासखंड के गुमडपाल कन्या आश्रम 6, पखनार बालक आश्रम 27,  सेडवा कन्या आश्रम में 16, बीसपुर आश्रम शाला में 5, केलाउर बालक आश्रम में 69, तोकापाल विकासखंड के तोकापाल बालक छात्रावास में 8, बस्तर विकासखंड में भानपुरी बालक छात्रावास में 2, पाथरी बालक छात्रावास में 30 और बकावंड विकासखण्ड में करपावंड एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में 36लोंगो को रुकवाया गया है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों में बाहर राज्यों और जिलों से आने वालों के लिए क्वारेनटाईन सेंटर बनाने के निर्देश दिया गया है।

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